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🙏🙏 हम डायरी क्यों लिखें ?

 🙏🙏 हम डायरी क्यों लिखें ?


डायरी लिखने पर हम धीरे-धीरे उसमें मन की आवाज़ लिखते हैं । लिखते लिखते धीरे-धीरे वही आवाज हमें नियंत्रित करने लगती है , प्रेरित करने लगती है । एक नया मार्ग सा मनुष्य शरीर को मिल जाता हैं। अन्यथा मनुष्य शरीर अक्सर , अधिकतर मस्तिष्क अनुसार चलने लगता है , कम्फर्ट जोन के आधार पर ।

         🙏🙏  डायरी लिखना भी एक प्रकार की साधना है ,  मैडीटेशन है ,अभ्यास है ,योग है ,जीवन मार्ग चुनने का प्रयास है जी ।

        🙏🙏 स्वयं को स्वयं से प्रेरित करने का माध्यम है । अथक प्रयास है । यही डायरी हमारे लिए मार्गदर्शक ,प्ररेक बन सकती है ।जिस प्रकार किताबी शिक्षा के शुरुआती चरण में क,ख,ग या १,२,३ याA,, B ,C का महत्व है ,वहीं महत्त्व डायरी का हमारे जीवन में है ।

         डायरी वह दीपक 🪔🪔🪔है , जिसके प्रकाश का लाभ हम स्वयं उठाते हैं।

डाक्टर स्वर्ण जीत सिंह  वरदान चिल्ड्रेन हास्पिटल सहारनपुर 

                         

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