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प्रदेश के किसानों को एकजुट होकर भाजपा को सबक सिखाना होगा••गन्ना किसानों की लूट पर मुख्यमंत्री योगी स्वेत पत्र जारी करें भगत सिंह वर्मा

प्रदेश के किसानों को एकजुट होकर भाजपा को सबक सिखाना होगा••गन्ना किसानों की लूट पर मुख्यमंत्री योगी स्वेत पत्र जारी करें भगत सिंह वर्मा

विरेन्द्र चौधरी वीरेंद्र भारद्वाज 

देवबंद-आज यहां ग्राम तल्हेरी बुजुर्ग मैं एक बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार प्रदेश के गन्ना किसानों के प्रति निर्दई हो गई है। इस वर्ष परदेस में गन्ने की पैदावार 30% से 40% कम है। जबकि गन्ना किसानों की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश की योगी सरकार चीनी मिल मालिकों से साठगांठ करके गन्ना किसानों को लूट रही है। जिसे प्रदेश के गन्ना किसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

भगत सिंह वर्मा ने कहा 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने का काम करेंगे। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश के गन्ना किसानों को आसानी से नकद गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹600 कुंतल दिया जा सकता है। इस वर्ष प्रदेश के गन्ना किसानों की उत्पादन लागत 525 रुपए कुंतल आई है। जबकि सरकार के गन्ना शोध संस्थानों की उत्पादन लागत भी ₹400 कुंतल है। हरित क्रांति के जनक महान कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन के अनुसार और सरकार के अनुसार 50% लाभ के साथ गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹600 कुंतल कम से कम होना चाहिए। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि वर्ष 1967 में चौधरी चरण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते थे उस समय गन्ने का रेट 12 रुपए 10 पैसे कुंटल होता था। उसी समय प्राइमरी स्कूल के अध्यापक की नौकरी₹70 प्रति माह होती थी आज प्राइमरी स्कूल के अध्यापक की नौकरी 1000 गुना बढ़कर ₹70000 प्रति माह हो गई है। इस हिसाब से गन्ने का लाभकारी मूल्य₹12100 कुंतल होना चाहिए। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रतिवर्ष गन्ने से 45000 करोड रुपए सीधा एक्साइज ड्यूटी के रूप में राजस्व प्राप्त होता है। और गन्ने से हजारों उत्पाद तैयार होते हैं जिससे प्रतिवर्ष प्रदेश सरकार को एक लाख करोड रुपए से अधिक जीएसटी के रूप में राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद भी प्रदेश के गरीब व कर्ज बंद गन्ना किसानों को सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹600 कुंतल तो दूर खोई के बराबर भी मूल्य नहीं दिला पा रही है जो गन्ना किसानों के साथ सरासर अन्याय है। 

भगत सिंह वर्मा ने प्रदेश सरकार गन्ना विभाग और चीनी मिल मालिकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹600 कुंतल तत्काल नहीं किया गया। चीनी मिलों के कांटों में घटतोली को नहीं रोका गया चीनी मिलों से पिछले वर्ष देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज गन्ना किसानों को नहीं दिलाया गया और 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान नहीं कराया गया और चीनी मिलों द्वारा धुलाई किराया बंद नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन वर्मा प्रदेश के सभी किसान संगठनों से मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। 

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सलाहकार हाफिज मुर्तजा त्यागी ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार जानबूझकर किसानों को गरीब रखना चाहती हैं जिसे देश के अन्नदाता किसानों को समझना होगा। बैठक का संचालन भारतीय किसान यूनियन वर्मा के मंडल उपाध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह बंटी ने किया। बैठक में यासीन त्यागी तस्लीम त्यागी साजिद त्यागी डॉक्टर बारीक त्यागी अकरम त्यागी हाजी साजिद हाजी सुलेमान मोहम्मद वसीम हाजी मन्नान त्यागी मोहम्मद मुखिया त्यागी जोगिंदर सिंह कालू सिंह रमेश गुर्जर महकार गुर्जर बृजभूषण शर्मा आदि ने भाग लिया।


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