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खबर पश्चिम प्रदेश:: UP POLICE की हो जाएगी बल्ले बल्ले •• नहीं रहेगा पश्चिम प्रदेश पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव •• खुलकर करेंगे काम, जाने वजह

 खबर पश्चिम प्रदेश:: UP POLICE की हो जाएगी बल्ले बल्ले •• नहीं रहेगा पश्चिम प्रदेश पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव •• खुलकर करेंगे काम 

क्रान्ति कभी खाली हाथ नहीं लौटती,पश्चिम प्रदेश बनना निश्चित••अपराध भी हो जायेंगे कम••पश्चिम प्रदेश पुलिस की हो जाएगी बल्ले बल्ले -- विरेन्द्र चौधरी

वीरेंद्र भारद्वाज/डी पी सिंह

सहारनपुर। सब जानते है अपवाद को छोड़कर पुलिस हमेशा राजनीतिक दबाव में काम करती है। ऐसा मेरा अनुभव है। इसके पीछे कईं कारण है।

पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष विरेन्द्र चौधरी पत्रकार का मानना है कि अपराध को रोकना बड़ी बात नहीं है, उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधो को रोकने में सक्षम है। फिर भी क्राइम कंट्रोल नहीं होता। इसके लिए दंबग राजनीति जिम्मेदार है। राजनेताओं को हर वर्ग के साथ "ALL TYPES" सब तरह के लोगो से संबध रखने होते हैं। इसलिए वे बदमाश,दंबग, माफियाओं को राजनीतिक शरण देते है। सबसे मूल कारण ये राजनीति ही है,जो अपने अपने लोगो को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाये रखते है।

विरेन्द्र चौधरी पत्रकार का मानना है कि क्राइम कंट्रोल का ना हो पाना, बड़े राज्य का होना है। लखनऊ बैठकर एक मुख्यमंत्री,एक डीजीपी के लिए व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल काम है। दूसरी तरफ राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस को ये भय रहता है कि राजनीतिक दुश्मनी के चक्कर में उसका ट्रांसफर घर से दूर पूरब में ना हो जाए,इसी भय से पुलिस राजनीति के दबाव में आकर सब कुछ करने को तैयार हो जाती है। इसी कारण भ्रष्टाचार बढ़ता है, क्राइम कंट्रोल नहीं होता।

उन्होंने कहा पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा पूरे पश्चिम प्रदेश में निर्माण यात्रा निकाल रहा है। इससे जनता में जागृति आने लगी है, अब छोटे प्रदेश यानि पृथक पश्चिम प्रदेश के लिए जनता चर्चा करने लगी है। निर्माण यात्रा को भारी समर्थन मिल रहा है।

जिस दिन पृथक प्रदेश पश्चिम प्रदेश बनेगा,उस दिन मुख्यमंत्री, मंत्री, आईएएस, पीसीएस, पुलिस अधिकारी सभी आपके होगें। पश्चिम प्रदेश की विधानसभा से लेकर तमाम मुख्यालय आपसे 150--200 किमी के दायरे में होंगे।तब पुलिस को या अन्य विभागीय अधिकारियों को ट्रांसफर का भय खत्म हो जाएगा। पुलिस खुलकर काम करेगी। क्राइम कंट्रोल स्वत हो जायेगा। अन्य विभागों के मुकाबले पुलिस जनता से सीधे जुड़ी रहती है। काम का बोझ भी पुलिस पर ही अधिक है। जब छोटा प्रदेश होगा,तो पुलिस का ट्रांसफर आप करा भी दोगे तो भी उसके घर की दूरी पांच चार घंटे की होगी।इसका मतलब पुलिस मानसिक रूप से आसान महसूस करेंगी।आप सीधे सीधे यूं कह सकते हैं छोटा राज्य बनने पर सबसे अधिक फायदा पुलिस को होगा,और पुलिस की हो जाएगी बल्ले बल्ले।

पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए आंदोलन से जुड़े विरेन्द्र चौधरी पत्रकार,कॉल करें 8057081945

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