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साईफन प्रकरण में जिलाधिकारी ने की कार्यवाही - वित्तीय अनियमितता एवं अधोमानक कार्य स्वीकार्य नहीं - डीएम

 साईफन प्रकरण में जिलाधिकारी ने की कार्यवाही •• पीकी गांव में बाबैल रजवाहा प्रणाली में किये गये मरम्मत कार्यों एवं साईफन के निर्माण कार्य में की गयी अनियमितताओं पर शासन को भेजी रिपोर्ट •• परियोजना की विभागीय जांच कराने एवं दोषियों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की संस्तुति की •• फर्म भी होगी ब्लैकलिस्ट •• वित्तीय अनियमितता एवं अधोमानक कार्य स्वीकार्य नहीं - डीएम


विरेन्द्र चौधरी/संदीप जोशी 
सहारनपुर। 
जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चन्द्र को प्राप्त शिकायत के आधार पर ढमोला नदी के किनारे पीकी गांव में बाबैल रजवाहा में किये गये मरम्मत कार्यों एवं साईफन के निर्माण कार्य में की गयी अनियमितताओं के संबंध में 04 सदस्यीय जांच समिति बनाई गयी।
डॉ0 दिनेश चन्द्र ने जांच समिति द्वारा प्रस्तुत की गयी रिपोर्ट के आधार पर शासन को सम्पूर्ण परियोजना की विभागीय जांच कराए जाने तथा कार्य को बिना अतिरिक्त धन आवंटन के पूर्ण कराने तथा भविष्य के लिए संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने एवं संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करने की संस्तुति की।
जिलाधिकारी ने परियोजना के निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण में ढिलाई बरतने एवं उत्तरदायित्वों के निर्वहन में लापरवाही करने पर सख्त कार्यवाही के लिए शासन को पत्र भेजा है। उन्होने कहा कि इससे न केवल शासकीय धन का दुरूपयोग हुआ है बल्कि आमजन के मध्य शासन एवं प्रशासन की छवि भी धूमिल हुई है।
अवगत कराना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि बाबैल राजवाहा के लगभग 9.5 किमी0 ढमोला नदी में एक साईफन जोकि ब्रिटिश काल में निर्मित हुआ था लेकिन क्षतिग्रस्त अवस्था में था इसलिए पुनर्निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के कारण अपस्ट्रीम ब्रिक चैनल की बाईं और दाईं दीवार जोकि हाई एम्बैकमैंट पर बनी थी क्षतिग्रस्त हो गई तथा साईफन हेतु डाले गये ग्राउण्ड पाईप के ज्वाईंट से पानी का रिसाव हो रहा था। समिति द्वारा अवगत कराया गया कि इस रिसाव का कारण गुणवत्तायुक्त सामग्री का प्रयोग न होना था। सम्पूर्ण कार्य तकनीकी रूप से अधोमानक पाए गये।

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