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पश्चिम प्रदेश आंदोलन जल्दी बदलेगा बड़े आंदोलन में - उत्तर प्रदेश पुनर्गठन को लेकर गणमान्यों ने दी बेबाक राय


 डी पी सिंह/राजन पंडित

सहारनपुर। आज़ादी से पहले की मांग उत्तर प्रदेश पुनर्गठन को लेकर अब राजनीतिक दल व आम आदमी जागरूक होने लगा है।आज कुछ लोगो से हुई बेबाक बातचीत का सार।
एबीवीपी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह मिगलानी ने कहा आज सबसे बड़ा मुद्दा है उत्तर प्रदेश पुनर्गठन। उन्होंने कहा ये मुद्दा ज्यादा चर्चा में नहीं आया। इसके पीछे मुद्दे की प्रस्तुति दी,इस मुद्दे पर राजनीति तो होती रही, लेकिन उत्तर प्रदेश पुनर्गठन से होने वाले लाभ को जनता को नहीं बताया गया। हम इस मुद्दे पर आंदोलनकारियों के साथ है।
  साबिर अली खान नेता समाजवादी विचारधारा ने कहा इस मुद्दे पर जब भी आंदोलन तेज हुआ तो,पूरब की राजनीति सक्रिय हो गयी। और पश्चिम प्रदेश बंटवारे को लेकर गलत अफवाह फैलाई गई, जनता को दिग्भ्रमित कर दिया गया। इससे आंदोलन टूट गया। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि अब जनता सब समझने लगी है।
सरदार अरविन्द्र सिंह लांबा ने कहा आगे आने वाले समय में केंद्र सरकार को निर्णय लेना ही पड़ेगा, क्योंकि जो संगठन प्रदेश संगठन को लेकर लगातार एक्टिव हैं।वो अब जनता को समझाने में कामयाब होते नजर आ रहे है। लांबा ने कहा आने वाले टाइम में आंदोलन तेज होगा और सरकार को प्रदेश पुनर्गठन करना ही पड़ेगा।
प्रमोद शेखावत ने कहा सहारनपुर मंडल,मेरठ मंडल, मुरादाबाद मंडल में आंदोलन गति पकड़ रहा है। अब पश्चिम प्रदेश की जनता समझ चुकी है कि जब पश्चिम प्रदेश बनेगा,तो उत्तराखंड छत्तीसगढ़ तेलंगाना झारखंड की तरह विकास के पथ पर चलेगा।
संदीप जोशी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश बनने के बाद यहां नये नये कार्यालय खुलेंगे, बिल्डिंग्स बनेगी तो हजारों रोजगार पैदा होंगे।रियल स्टेट में भी तेजी आएगी। इसलिए अब जनता आंदोलनकारियों के साथ खड़ी नजर आ रही है।
विरेन्द्र चौधरी पत्रकार ने कहा आज तो राजनीतिक हालात बन रहे हैं, उसके चलते उत्तर प्रदेश पुनर्गठन तय है। इसके लिए हमें चाय के स्टालो,कैफे हाऊस,पार्कों में बैठकर चर्चा और नुक्कड़ सभाएं करनी चाहिए ताकि आम आदमी को आंदोलन से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कॉरपोरेट लोग आंदोलन से दूर रहते है, सड़कों पर आम आदमी ही उतरता है। हमें आम आदमी को आंदोलन से जोड़ने की आवश्यकता है।
सार मिलाकर सार ये है अब पश्चिम प्रदेश आंदोलन को जितना समर्थन मिलना चाहिए था उतना नहीं मिल पा रहा है लेकिन, बहुत थोड़े वक्त में पश्चिम प्रदेश आंदोलन बड़े आंदोलन में बदलने वाला है। क्योंकि इससे 8 करोड़ लोग प्रभावित होंगे।

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