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संजय गर्ग के भाजपा में जाने से समाजवादी पार्टी को कोई नुकसान नहीं, समाजवादी आज भी अखिलेश के साथ - पीतम सिंह गुर्जर

 


विरेन्द्र चौधरी/श्रीराज सैनी

सहारनपुर। जय श्री राम के नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता तक पहुंची और देश में ऐसा माहौल पैदा कर दिया कि सबको लग रहा है कि इस बार फिर भाजपा सरकार 400 के पार। ऐसे में विपक्ष की नाव डुब रही है तो सवार उतर उतर कर भाग रहे है। पूर्व राज्यमंत्री संजय गर्ग भी अब समाजवादी की नाव से उतरकर श्रीराम की शरण में चले गये है।
इस संबध में समाजवादी नेता चौधरी पीतम सिंह गुर्जर ने बातचीत के दौरान बताया कि हम सच्चे समाजवादी हैं, हम कईं बार आजम खां, रामगोपाल यादव, मुलायम सिंह यादव और चौधरी रामशरण दास के साथ जेल भरो आंदोलन में रहे,जेल गए। समाजवाद हमारी नसों में है। अगर समाजवादी पार्टी डुबती है तो हम भी डुब जायेंगे। लेकिन नाव से नहीं उतेरेगे।
हाइलाइट्स 
संजय गर्ग के भाजपा में जाने से समाजवादी पार्टी को कोई नुकसान नहीं।
समाजवादी आज भी अखिलेश के साथ - पीतम सिंह गुर्जर 
समाजवादी सत्ता में लौटेगी तो ये भी लौट आयेंगे 

पूर्व राज्यमंत्री संजय गर्ग को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो,पीतम सिंह गुर्जर ने मुस्कुराते हुए कहा कि संजय गर्ग राजनीतिक आदमी है समाजवादी नहीं। समाजवादी पार्टी ने उन्हें टिकट देकर एम एल ए बनाया, राज्यमंत्री बनाया। लेकिन उसके अहसानों को भूलकर संजय गर्ग भाजपा की शरण में चले गये। क्योंकि वे सत्ता सुख चाहते है।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा संजय गर्ग वैश्य समाज से आते हैं, वैश्य समाज पहले ही भाजपा के साथ खड़ा था।ऐसे में उन्हें अपना भविष्य अंधेरे में नजर आ रहा होगा। उन्होंने कहा कुछ लोग सत्ता के बिना नहीं रह सकते। इसके पीछे बहुत से कारण है। कल समाजवादी सत्ता में लौटेगी तो ये फिर वापिस लौट आयेंगे। ना भी लौटे, इनके जाने या आने से पार्टी को ना कोई फायदा होगा ना ही नुकसान होगा। पार्टी के पास अपना जनाधार है, इनके पास क्या है,इनका कोई व्यक्तिगत जनाधार नहीं है। इसलिए इनके आने जाने से समाजवादी पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। जो असली समाजवादी हैं वो आज भी अखिलेश यादव के साथ है। बताते चले कि चौधरी पीतम सिंह गुर्जर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रामशरण दास के पक्के अनुयायियों में से एक है और कईं बार पार्टी के लिए जेल गये। फिलहाल वे समाजवादी पार्टी के सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष है। उनका कहना है कि हमें पदो से क्या लेना-देना। हम तो समाजवादी थे,हैं और आखिरी सांस तक समाजवादी ही रहेंगे।

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